अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया – एक पूर्ण ट्यूटोरियल
परिचय:
अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया एक जटिल, लेकिन लोकतांत्रिक प्रणाली है जिसमें कई चरण शामिल होते हैं। इस प्रक्रिया में प्रारंभिक चुनाव (प्राइमरी/कोकस), राष्ट्रीय कन्वेंशन, सामान्य चुनाव और अंत में इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा राष्ट्रपति का चयन शामिल होता है। इस ट्यूटोरियल में हम इन सभी चरणों को एक उदाहरण के साथ समझेंगे और 2020 के चुनाव के कुछ वर्तमान आँकड़ों (स्टैटिस्टिक्स) को भी साझा करेंगे।
1. प्रारंभिक चुनाव (प्राइमरी/कोकस):
- क्या है?
प्रत्येक राज्य में राजनीतिक पार्टियाँ अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए प्राइमरी या कोकस (गुट बैठक) का आयोजन करती हैं। - कैसे काम करता है?
मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को चुनते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है और जीतने वाले उम्मीदवार राष्ट्रीय चुनाव में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। - उदाहरण:
2020 में, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने प्राइमरी में जो उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए चुने, उनमें जो बाइडेन प्रमुख थे। इसी तरह, रिपब्लिकन पार्टी ने डोनाल्ड ट्रम्प को अपने उम्मीदवार के रूप में चुना।
2. राष्ट्रीय कन्वेंशन (National Convention):
- क्या है?
प्रत्येक प्रमुख पार्टी अपने चुने हुए उम्मीदवारों के साथ एक राष्ट्रीय कन्वेंशन आयोजित करती है, जहाँ पार्टी का नारा, नीति और कार्यक्रम तय किया जाता है। - प्रक्रिया:
कन्वेंशन में दल के प्रतिनिधि वोट करते हैं और उम्मीदवार को आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित करते हैं। - उदाहरण:
डेमोक्रेटिक पार्टी का 2020 का राष्ट्रीय कन्वेंशन वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुआ, जिसमें जो बाइडेन को पार्टी का राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया गया।
3. सामान्य चुनाव (General Election):
- क्या है?
सामान्य चुनाव में अमेरिकी मतदाता देश भर में मतदान करते हैं। - कैसे होता है?
मतदाता दो प्रकार के वोट देते हैं:- लोकप्रिय वोट: प्रत्यक्ष मतदाता द्वारा दिया गया वोट, जो यह दर्शाता है कि देश के नागरिक किस उम्मीदवार का समर्थन करते हैं।
- इलेक्टोरल कॉलेज वोट: प्रत्येक राज्य में एक निश्चित संख्या में इलेक्टर्स होते हैं, जो उस राज्य के लोकप्रिय वोट के आधार पर वोट करते हैं।
- उदाहरण:
2020 के सामान्य चुनाव में, जो बाइडेन ने लगभग 81.3 मिलियन लोकप्रिय वोट प्राप्त किए, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प को लगभग 74.2 मिलियन मिले।
4. इलेक्टोरल कॉलेज (Electoral College):
- क्या है?
इलेक्टोरल कॉलेज एक अप्रत्यक्ष प्रणाली है जिसके तहत राष्ट्रपति का चयन होता है। - प्रक्रिया:
- प्रत्येक राज्य को संवैधानिक आधार पर एक निश्चित संख्या में इलेक्टोरल वोट दिए जाते हैं (जो कि राज्य की कांग्रेस में प्रतिनिधित्व पर आधारित होते हैं)।
- अधिकांश राज्यों में विजेता-टेक-ऑल (winner-takes-all) प्रणाली लागू होती है, जहाँ सबसे अधिक लोकप्रिय वोट पाने वाले उम्मीदवार को उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट मिलते हैं।
- कुल इलेक्टोरल वोटों की संख्या 538 है। राष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 270 वोटों की आवश्यकता होती है।
- उदाहरण:
2020 में, जो बाइडेन ने कई बड़े राज्यों (जैसे कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, आदि) में विजयी होकर कुल 306 इलेक्टोरल वोट प्राप्त किए।
5. वर्तमान आँकड़े और तथ्य (2020 चुनाव के संदर्भ में):
- लोकप्रिय वोट:
- जो बाइडेन: लगभग 81,283,501 वोट
- डोनाल्ड ट्रम्प: लगभग 74,223,975 वोट
- इलेक्टोरल कॉलेज वोट:
- जो बाइडेन: 306 इलेक्टोरल वोट
- डोनाल्ड ट्रम्प: 232 इलेक्टोरल वोट
- मतदाता turnout:
लगभग 66% अमेरिकी मतदाता ने 2020 के चुनाव में मतदान किया। - प्रमुख मुद्दे:
- महामारी (COVID-19) प्रबंधन
- आर्थिक सुधार
- स्वास्थ्य सुविधा और समाजिक सुरक्षा
- पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन
6. चुनाव के बाद की प्रक्रिया:
- परिणामों की घोषणा:
चुनाव के दिन ही, अधिकांश राज्यों से परिणाम आने शुरू हो जाते हैं, और अंत में इलेक्टोरल कॉलेज के वोट भी गिने जाते हैं। - नया प्रशासन:
यदि कोई उम्मीदवार 270 या उससे अधिक इलेक्टोरल वोट प्राप्त कर लेता है, तो वह राष्ट्रपति घोषित होता है। इसके बाद, उनका स्वागतम कार्यक्रम आयोजित किया जाता है और वे पदभार ग्रहण करते हैं।
निष्कर्ष:
अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो दो चरणों में काम करती है—प्रत्यक्ष लोकप्रिय वोट और अप्रत्यक्ष इलेक्टोरल कॉलेज वोट। इस प्रक्रिया ने 2020 के चुनाव में साफ़-साफ़ दिखाई दिया जब जो बाइडेन ने अपनी जीत दर्ज की। यह प्रक्रिया न केवल उम्मीदवारों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, बल्कि राज्य के आधार पर मतदाता की आवाज़ को भी महत्वपूर्ण बनाती है।